राहुल शरण, नर्मदापुरम। कुलामढी रोड पर एक जमीन पर सीमांकन कर रही प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में कॉलोनाइजर और मजदूरों पर एक अन्य गुट ने अचानक हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों में झूमाझटकी हुई। दूसरे पक्ष के लोगों की संख्या अधिक होने से वे कॉलोनाइजर और मजदूरों पर भारी पड़ गया। पुलिस ने बमुश्किल दोनों पक्षों को शांत कराकर विवाद ठंडा कराया। जानकारी के अनुसार कॉलोनाइजर राजू पचौरी और गोविंद राय का कुलामड़ी रोड पर एक जमीन को लेकर पुराना विवाद है। बताया जाता है कि यह जमीन नहर विभाग की है मगर दोनों ही पक्ष उक्त जमीन के दस्तावेज अपने नाम के होने का दावा कर रहे हैं। कॉलोनाइजर राजू पचौरी के अनुसार जमीन के कागज सहित अन्य जरूरी दस्तावेज उनके पास है। वहीं गोविंद राय के मुताबिक इस जमीन के दस्तावेज उनके नाम से हैं। पचौरी ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत की थी। जांच में उक्त जमीन पर कथित तौर पर अतिक्रमण पाया गया था। इस जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन की टीम मंगलवार को जमीन का सीमांकन करने पहुंची थी। जमीन पर काम कर रहे मजदूरो पर 1 डंपर और 4 गाड़ियों से भरा कर आए लोगों ने अकस्मात हमला कर दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर दहशत फैल गई और मजदूर सहित अन्य लोग सामान मौके पर ही छोड़कर भाग गए मौके पर पहुंचे देहात की टीआई ने मामले को संभाला और विवाद शांत कराया। इस मामले में कॉलोनाइजर राजू पचोरी ने कहा कि हम तो जमीन का सीमांकन कराने गए था उन वक्त हम पर हमला किया। अगर पुलिस नही होती तो वे सभी को जान से मार देते। राजू पचौरी ने बताया कि उसने थाने में शिकायत की है। वहीं इस मामले में गोविंद राय ने कहा कि कि उक्त जमीन हमारे नाम की है जमीन पर हमारा बोर्ड भी लगा हुआ था इस बात की जानकारी हमें नहीं है कि प्रशासन ने क्या आदेश दिया और कब वहां प्रशासनिक टीम सामान हटाने चली गई हमने कोई मारपीट या हमला नहीं किया है हम केवल वहां पर अपनी बात रखने प्रशासनिक टीम के पास गए थे हम पर जो हमला करने के आरोप लगाए जा रहे हैं वह सरासर झूठे हैं हमारे पास जो दस्तावेज हैं उन्हें देखकर सच का पता खुद चल जाएगा
इनका कहना है
जमीन पर सीमांकन के दौर दो गुटों में विवाद हो गया था। मामले को शांत करा दिया था। इस मामले पीड़ित पक्ष की शिकायत आई है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संजय चौकसे, थाना प्रभारी देहात